सोमवार, 23 मार्च 2020

Save biodiversity save life

करें जैव विविधता का संरक्षण हम ।
करें प्रण प्रकृति की रक्षा का हम।। 
करते रहे सदियों से जीवों का भक्षण हम।
अपने स्वार्थ कि खातिर करते रहे प्रकृति से छेड़खानी हम।
अब Corona का कहर देख रहे हैं हम।
मानव से कितना लड़ते आखिर वो नादान परिंदे,
प्रदूषण से कितना लड़ते आखिर वो नादान परिंदे।
लड़ते लड़ते ,सहते सहते वो चढ़ गए फांसी के फंदे।।
वहीं परिंदे धरती मां की मुस्कान हुआ करते थे ।
जिनकी कलरव से गुंजित होती है धरा प्रसन्न होते हैं हम ।
उन्हीं जीवों का करके भक्षण क्या जीवित रह पाएंगे हम ।।
गर_न कर पाए प्रकृति का संरक्षण हम।
न बचेगी दुनिया - ना बचेंगे हम ।।
गर रहना है जीवित तो पेड़ लगाएं हम ।
छोड़े मांसाहार को शाकाहार अपनाएं हम।।
करें जैव विविधता का संरक्षण हम ।
करें प्रण प्रकृति की रक्षा का हम।।

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शायरी : kavi shiv shilpi