सोमवार, 23 मार्च 2020

पर्यावरण संरक्षण पर आधारित विचार

जैव विविधता मानव जीवन की कसौटी है,अर्थात प्रकृति में जीवों का होना अति आवश्यक है । आज स्थिति यह है कि जीवों की कई प्रजातियां विलुप्त हो गई हैं। तो कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। जिससे जैव विविधता पर संकट मंडरा रहा है । और प्रथ्वी पर जीवन चक्र का संतुलन, जीवों की अधिकता से होता है। यह सब जानते हुए भी मानव मांसाहार का सेवन करता है ,और जो जीव मानव की खाद्य श्रृंखला (food chain) का हिस्सा नहीं है उस जीव को भी मानव अपना आहार बना लेता है ।

जैसे _सांप ,चमगादड़,चूहे,कुत्ते,छिपकली आदि।

इन सबकी अपनी अलग अलग food chain है और जब कोई जीव अपनी खाद्य श्रृंखला से बाहर दूसरी खाद्य श्रृंखला के जीवों को खाता है और शस्त्र विज्ञान के क्षेत्र में जीवों का उपयोग जैविक हथियार के निर्माण में करता है जिसके फलस्वरूप खतरनाक वायरस का जन्म होता है ।जो कि हम chorona वायरस (covid 19 ) के रूप में देख सकते हैं । कोरॉना वायरस किस प्रकार लोगो को काल के गाल में समाहित कर रहा है ,ये खतरनाक वायरस चीन में लोगों द्वारा सांप और चमगादड़ के सेवन करने से निकला। हमें अभी भी सतर्क हो जाना चाहिए ।हमें शाकाहार अपनाना होगा और मांसाहार को लेकर कानून बनाना होगा ।तभी हम प्रतिवर्ष जन्म ले रहे इन वायरस को रोक पाएंगे और साथ ही सर्वाधिक ध्यान वनों की ओर देना होगा प्रदूषण को रोकने के प्रयास करने होंगे ।क्यूंकि हर संकट हर आपदा के लिए मानव ही जिम्मेदार है मानव ने प्रकृति में हस्तक्षेप किया है जिसका बदला प्रकृति ज्वालामुखी , बाढ़, अनेक प्रकार की महामारियों के रूप में मानव से ले रही है। कृपया प्रकृति के संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें और आने वाले संकटों से दुनिया को बचाए आने वाली पीढ़ियों को बचाएं ।

🎤युवा कवि लेखक = ✍️शिव शिल्पी

🙏धन्यवाद

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शायरी : kavi shiv shilpi