रविवार, 19 जुलाई 2020

कविता : मौन की शक्ति


विधा : कविता
                    "मौन की शक्ति"
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मौन आत्मज्ञान  का  द्वार है
मौन  शांति  का  आगार  है
है शीतलता का प्रखर स्त्रोत,
मौन की शक्ति अपरम्पार है।

                  मौन  शक्तियों का मूल मंत्र है
                  निश्चिंतता का सबल आधार है
                  है   बुद्धिमत्ता  का  मूल स्रोत
                  मौन की शक्ति  अपरम्पार है।।

तपस्वियों के तप से तपोभूमि का
कण कण मौन तत्व से साकार है
कुशल व्यवहार का प्रखर स्रोत है
मौन की शक्ति  अपरम्पार है।।

                     मौन रहना स्वयं का साक्षात्कार है
                     मौन स्वाध्याय का प्रमुख आधार है
                     स्वयं  महादेव भी मौन के धारक हैं
                     मौन    की  शक्ति  अपरम्पार  है।।

लेखक✍🏻: शिव शिल्पी











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शायरी : kavi shiv shilpi