गुरुवार, 25 जून 2020

कविता :जिंदगी से वादा

विषय: जिन्दगी से वादा!

तूफान चाहे जितने आएं ,सह लेंगे हम हद से ज्यादा।
नहीं करेंगे आत्महत्या ,करते हैं हम जिन्दगी से वादा।।

सत्य असत्य चौसर के मोहरे,दोनों का है अलग इरादा।
सदैव सत्य अपनाएंगे ,करते हैं हम जिन्दगी से वादा।।

भूलेंगे न संस्कारों  को, गर बन भी जाएं हम शहजादा।
भूलेंगे न मात पिता को,करते हैं हम जिन्दगी से वादा।।

नहीं करेंगे किसी की हानि, हम रखें हमेशा नेक इरादा।
सदा  करेंगे  परोपकार, करते हैं हम जिन्दगी से वादा।।

सद्गुणों को धारण करके ,फिर करें मंजिल का इरादा।
चलेंगे अहिंसा पथ पर ,करते हैं हम जिन्दगी से वादा।।

आधुनिकता के संसार में, भौतिकवाद है इतना ज्यादा।
संस्कृति कभी न भूलेंगे,करते हैं हम जिन्दगी से वादा।।

जिन्दगी की राहों में कर्तव्यनिष्ठ रहने का है मेरा इरादा।
बनेंगे बेसहारे का सहारा,करते हैं हम जिन्दगी से वादा।

✍️Shiv Shilpi

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शायरी : kavi shiv shilpi